सर्वनाम किसे कहते हैं – परिभाषा, सर्वनाम के 6 भेद एवं उदाहरण

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आज के इस आर्टिकल में सर्वनाम किसे कहते हैं उदाहरण सहित, सर्वनाम की परिभाषा, सर्वनाम के कितने भेद होते हैं एवं सर्वनाम के उदाहरण को बहुत ही आसान भाषा में समझने वाले है।

इस लेख को अंत तक पढने के पश्चात् आप खुद अनुभव करेंगे की आज के पहले Sarvanam Kise Kahate Hain के बारे में इतने सरल शब्दों में किसी ने पहले नही समझाया था।

सर्वनाम किसे कहते हैं

वह सभी शब्द जो की संज्ञा के स्थान पर वाक्य में प्रयुक्त होता है उसे सर्वनाम कहते हैं। जैसे – ‘मोहन स्मार्ट फोन खरीदने जाएगा’ में मोहन शब्द संज्ञा है जिसके स्थान पर सर्वनाम लगा सकते है।

इसके स्थान पर हम ‘वह’ का प्रयोग कर सकते हैं और इस वाक्य को ‘वह स्मार्टफोन खरीदने जाएगा’ भी बना सकते हैं। इस वाक्य में ‘वह’ शब्द एक सर्वनाम है।

सर्वनाम से किसी संज्ञा का बार-बार पुनरावृत्ति को कम किया जा सकता है और उसके स्थान पर सर्वनाम का प्रयोग कर वाक्य को बेहतर बनाया जा सकता है।

सर्वनाम का शाब्दिक अर्थ

सर्वनाम शब्द ‘सर्व + नाम’ से मिलकर बना है जिसका शाब्दिक अर्थ ‘सबका नाम है’ अर्थात वह सभी शब्द जो संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त किया जा सकते हैं। सर्वनाम हिन्दी व्याकरण का हिस्सा भी है जिसके मदद से भाषा को शुद्ध किया जा सकता है।

सर्वनाम की परिभाषा

वे सभी शब्द जो संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त किया जा सकते हैं सर्वनाम होती है। इनके प्रयोग से संज्ञा शब्दों की पुनरावृत्ति को रोकते हैं और भाषा को सुंदर एवं पढने योग्य बनाते है।

सर्वनाम शब्द ‘वह’, ‘मैं’, ‘तुम’, ‘उसकी’, ‘उसके’, ‘आप’, ‘कोई’, ‘कुछ’, ‘जो’, ‘सो’, ‘इस’, ‘उस’ आदि हैं जोकि संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त हो सकता हैं।

सर्वनाम के उदाहरण

सर्वनाम के उदाहरण ‘मै’, ‘तुम’, ‘आप’, ‘वह’, ‘उसके’, ‘इसके’, ‘उसकी’, ‘यह’, ‘वो’ आदि है। इन सभी उदाहरण को आप नीचे टेबल के माध्यम से भी समझ सकते हैं कि किस प्रकार से संज्ञा के स्थान पर सर्वनाम प्रयुक्त होता है।

संज्ञायुक्त वाक्य (मोहन सिंह चटोपाध्याय)संज्ञा के स्थान पर सर्वनाम का प्रयोग
मोहन सिंह चटोपाध्याय तैयार हो रहे हैं।वह तैयार हो रहे हैं।
मोहन सिंह चटोपाध्याय ईमानदार हैं।वह ईमानदार हैं।
मोहन सिंह चटोपाध्याय की माताजी खाना बना रही हैं।उसकी माताजी खाना बना रही हैं।
मोहन सिंह चटोपाध्याय के पिता जी बाजार जा रहे हैं।उसके पिता जी बाजार जा रहे हैं।
मोहन सिंह चटोपाध्याय के बहुत मित्र हैं।उनके बहुत मित्र हैं।

आप ऊपर टेबल में देख सकते हैं कि उन सभी वाक्य में मोहन सिंह चट्टोपाध्याय एक संज्ञा है, परंतु उनके अलग-अलग क्रियाकलापों को लिखने के लिए वही संज्ञा बार-बार आ रही थी।

इसलिए उस संज्ञा शब्द की जगह पर सर्वनाम का प्रयोग कर के पुनरावृति को भी कम किया गया है और सर्वनाम शब्द का प्रयोग भी अच्छे से हो गया है।

मुझे उम्मीद है कि अब आपको सर्वनाम किसे कहते हैं इसके बारे में बहुत ही बेहतरीन तरीके से समझ में आ गया है। चलिए अब हम आगे सर्वनाम के प्रकार अथवा भेद के बारे में पढ़ते हैं।

सर्वनाम के कितने भेद होते हैं उदाहरण सहित समझे

सर्वनाम के कुल 6 भेद है जिनको शब्दों के अनुसार अलग-अलग बांटा गया है जो निम्न है –

  1. पुरुषवाचक सर्वनाम।
  2. निश्चयवाचक सर्वनाम।
  3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम।
  4. प्रश्नवाचक सर्वनाम।
  5. संबंधवाचक सर्वनाम।
  6. निजवाचक सर्वनाम।

यह कुछ छ: प्रकार के सर्वनाम है जिसमें से कुछ सर्वनाम को उप भागों में भी बांटा गया है जिनको हम आगे पढ़ने वाले हैं।

सर्वनाम के कितने भेद होते हैं

आप लोगों ने सर्वनाम के भेद तो बहुत जगह से पढ़े होंगे पर मैं आज आपको उदाहरण के साथ बहुत ही बेहतरीन और आसान शब्दों में समझाने वाला हूं।

पुरुषवाचक सर्वनाम

जो सर्वनाम शब्द कहने वाला/लेखक या श्रोता (सुनने वाला) अथवा जिसके बारे में बात हो परन्तु वह संज्ञा न हो, उसे पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। पुरुषवाचक सर्वनाम में तीन पुरुष होते हैं जोकि निचे दिया गया है –

  • उत्तम पुरुषवाचक → मैं, हम, मुझको, हमको एवं कारक विभक्ति।
  • मध्यम पुरुषवाचक → तू, तुम, आप, तुझे, तुझको एवं कारक विभक्ति आदि।
  • अन्य पुरुषवाचक → वह, यह, ये, वे, वो, इसे, सबको एवं अन्य सभी।

उत्तम पुरुषवाचक फर्स्ट पर्सन होता है अर्थात यह कहने वाला होता है जो की वाक्य को खुद बोलता है। मध्यम पुरुष वाचक श्रोता होता है जो सुनता है और अन्य पुरुषवाचक वह होता है जिसके बारे में बात हो रही है।

पुरुषवाचक सर्वनाम का उदाहरण ‘मैं’, ‘तू’, ‘यह’, ‘वह’ आदि है। पुरुषवाचक सर्वनाम का अन्य उदाहरण नीचे दिया गया है जिसे आप पढ़ सकते हैं।

  • मैं कल दर्शन को जाऊंगा।
  • तुम आज जाओ।
  • वह कल खायेगा।
  • वह सो गया।
  • वो मुझे बुला रहे हैं।

ऊपर के वाक्य में पुरुषवाचक सर्वनाम लगा हुआ है ‘तुम आज जाओ’ और ‘वह कल खायेगा’ में तीनो पुरुष प्रयुक्त है और इसमें जिसके बारे में बात हो रही है वह संज्ञा शब्द नहीं है। इसलिए यह पुरुषवाचक सर्वनाम का उदाहरण है।

निश्चयवाचक सर्वनाम

जिस सर्वनाम शब्द से निश्चित वस्तु या व्यक्ति का बोध हो एवं वाक्य में जिसके बारे में बात हो वह संज्ञा शब्द हो, उसे निश्चयवाचक सर्वनाम कहते है।

निश्चयवाचक सर्वनाम को संकेतवाचक सर्वनाम भी कहते है जिसका उदाहरण निम्न है –

  • यह मेरी पुस्तक हैं।
  • वह मेरी घडी है।
  • यह मेरे कपड़े हैं।
  • यह मेरा मोबाइल हैं।
  • वो तुम्हारे लोग है।

उपरोक्त सभी वाक्य में शुरू के रेखांकित शब्द निश्चयवाचक सर्वनाम के उदाहरण है जिसमे आप देख सकते है की इसमें निश्चित वस्तु एवं अन्य रेखांकित शब्द जिसके बारे में बात हो रही है वह संज्ञा शब्द है।

यह जानना आवश्यक इसलिए है क्योंकि ‘यह’, ‘वह’, ‘वो’ आदि शब्द पुरुषवाचक एवं निश्चयवाचक दोनों सर्वनाम में प्रयुक्त होता है।

परन्तु दोनों में बस एक छोटी सी अंतर यही होता है की पुरुषवाचक सर्वनाम में जिसके बारे में बात होती है वह संज्ञा नही होती है और निश्चयवाचक में जिसके बारे में बात होती है वह संज्ञा शब्द होती है।

अनिश्चयवाचक सर्वनाम

जिस सर्वनाम शब्द से अनिश्चित वस्तु या व्यक्ति का बोध हो उसे अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। अर्थात इसमे निश्चित वस्तु अथवा व्यक्ति का पता चलता है।

अनिश्चयवाचक सर्वनाम का उदाहरण ‘कोई‘ एवं ‘कुछ‘ शब्द है। ‘कोई’ सर्वनाम प्राणीवाचक होता है जो सजीव के लिए प्रयोग होता है और ‘कुछ’ वस्तुवाचक होता है जो निर्जीव वस्तुओं के लिए प्रयोग होता है। इसका कुछ उदाहरण निचे है –

  • बाहर गेट पर कोई खड़ा है।
  • कुछ दे दीजिए।
  • कोई गा रहा है।
  • स्वाद में कुछ कमी है।
  • मैं कहीं पर पहुंचा हूं।

उपरोक्त पांचो वाक्य में अनिश्चित चीज दर्शायी गई है और इसमें रेखांकित ‘कुछ’ एवं ‘कोई’ सर्वनाम का प्रयोग हुआ है इसलिए यह सभी अनिश्चयवाचक सर्वनाम का उदाहरण है।

प्रश्नवाचक सर्वनाम

जिस सर्वनाम शब्द से प्रश्न पूछने का आभास हो उसे प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं अर्थात इसमें सर्वनाम प्रश्न पूछने के रूप में प्रयुक्त होता है।

प्रश्नवाचक सर्वनाम का उदाहरण ‘कौन‘, ‘कैसे‘, ‘क्या‘, ‘क्यों‘ आदि है जिसका रेखांकित हुआ वाक्यों में प्रयुक्त उदाहरण निम्न है –

  • बाहर दरवाजे पर कौन खड़ा है
  • यह काम कैसे हुआ
  • मास्टर जी का क्या नाम है
  • आप चाय के साथ क्या लोगे
  • दूध में क्या गिर पड़ा

संबंधवाचक सर्वनाम

जिस सर्वनाम शब्द से शब्दों, शब्दांशो या वाक्यांशों में आपस में संबंध हो उसे संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं। इस सर्वनाम में दो ऐसे शब्द होते हैं जो वाक्य के बीच संबंध को दर्शाते हैं।

संबंधवाचक सर्वनाम का उदाहरण ‘जिसकी – उसकी‘, ‘जिससे – उससे‘, ‘जो – सो‘, ‘जो – वह‘, ‘जैसा – वैसा‘ आदि है जिसके लगने से वाक्य में आपस में संबंध का पता चलता है।

निम्न वाक्यों में प्रयुक्त रेखांकित शब्द संबंधवाचक का उदाहरण है –

  • जिसकी लाठी उसकी भैंस।
  • जो आया है सो पाएगा।
  • जैसा सोचोगे वैसा बनोगे।
  • जो चाहे वह करो।
  • जो चाहे सो करो।
  • जिससे मन करे उससे करवाओ।

निजवाचक सर्वनाम

जिस सर्वनाम शब्द से स्वयं या खुद या अपने आप या स्वत: आदि का बोध हो उसे निजवाचक सर्वनाम कहते हैं। यह सर्वनाम शब्द वाक्यों में स्वयं के लिए प्रयुक्त होता है।

निजवाचक सर्वनाम का उदाहरण ‘खुद‘, ‘स्वयं‘,’ स्वत:‘, ‘अपने आप‘ आदि है जिसका वाक्यों में प्रयुक्त उदाहरण निम्न है –

  • मैं स्वयं पिताजी को माना लूंगा।
  • मैं अपने आप खाना बना लूंगा।
  • मैं खुद आ जाऊंगा।
  • मैं स्वत: सारे कार्य कर लूंगा।
  • मैं खुद अकेले घुमने चला जाऊंगा।

उपरोक्त सभी वाक्य में प्रयुक्त शब्द जो रेखांकित है वह निजवाचक सर्वनाम का उदाहरण है।

अब आप लोगो को सर्वनाम किसे कहते हैं और उसके भेद के बारे में बेहतरीन तरीके से समझ में आ गयी है। मैंने सर्वनाम के सभी प्रकारों को सबसे आसान शब्दों में समझाया है।

मूल सर्वनाम कितने होते हैं

मूल सर्वनाम शब्द कुल 11 (ग्यारह) होते हैं जिनको अलग – अलग सर्वनामो के भेद में उपयोग किया गया है। हिन्दी के 11 मूल सर्वनाम निम्न टेबल में दिया गया है।

मूल सर्वनाम शब्दभेद वाक्य
मैंपुरुषवाचकमैं वह देख रहा हु।
तूपुरुषवाचकतू कल कहा पर था।
यहनिश्चयवाचकयह मेरे पत्र है।
वहनिश्चयवाचकवह तुम्हारे घर है।
जोसम्बन्धवाचकजो लाओगे वह देंगे।
सोसम्बन्धवाचकजो करोगे सो मिलेगा।
कौनप्रश्नवाचकगेट पर कौन है।
क्याप्रश्नवाचकचाय में क्या गिर गया।
कोईअनिश्चयवाचककोई चिल्ला रहा है।
कुछअनिश्चयवाचककुछ दे दीजिये।
आपनिजवाचकमैं अपने आप चला जाऊंगा।

उपर टेबल में 11 मूल सर्वनाम शब्दों को दिया गया है और साथ ही यह भी बताया गया है की वह शब्द किस सर्वनाम का भेद है इसके साथ ही वाक्यों में प्रयुक्त रेखांकित भाग से दर्शाया भी गया है।

FAQs

हम लोगों ने सर्वनाम किसे कहते हैं और सर्वनाम के कितने भेद हैं उदाहरण सहित बहुत ही बेहतरीन तरीके से पढ़ा है जिससे संबंधित इंटरनेट पर अक्सर कुछ प्रश्न पूछे जाते हैं जिनका उत्तर भी नीचे दिया गया है।

सर्वनाम किसे कहते हैं और इसके कितने भेद होते हैं?

वह सभी शब्द जो की संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किए जाते हैं सर्वनाम कहते हैं और इसके कुल 6 भेद होते हैं।

सर्वनाम के 6 भेद कौन कौन से हैं?

सर्वनाम के 6 भेद में से पहला ‘पुरुषवाचक सर्वनाम’ है और दूसरा ‘निश्चयवाचक सर्वनाम’ है और तीसरा ‘अनिश्चयवाचक सर्वनाम’ है और चौथा ‘प्रश्नवाचक सर्वनाम’ है और पाँचवा ‘संबंधवाचक सर्वनाम’ एवं छठा ‘निजवाचक सर्वनाम’ है।

सर्वनाम के 10 उदाहरण क्या हैं?

सर्वनाम के 10 उदाहरण नीचे दिया गया है जिसमें रेखांकित भाग सर्वनाम के शब्द है जिसको वाक्य में प्रयुक्त करके लिखा गया है।
1. मेरा नाम आशीर्वाद है।
2. मैं ब्लॉग लिखता हूं।
3. तुम क्या करते हो।
4. वह मेरी गाड़ी है।
5. आज कोई आएगा।
6. वह क्या कर रहा है।
7. वे लोग कैसे जाएंगे।
8. आप सर्वनाम पढ़ रहे हैं।
9. तुम ईमानदार हो।
10. तुमने पढाई की।

मैं खुद पढाई कर लूँगा वाक्य में कौन सा सर्वनाम है?

मैं खुद पढ़ाई कर लूंगा वाक्य में निजवाचक सर्वनाम है क्योंकि इसमें स्वयं कार्य करने का बोध होता है।

सर्वनाम किसे कहते है एवं इसके भेद अथवा प्रकार से जुड़े विडियो

निष्कर्ष

आज के इस आर्टिकल में आप लोगों ने सर्वनाम किसे कहते हैं इसके कितने भेद होते हैं उसके साथ-साथ सर्वनाम की परिभाषा एवं उदाहरण आदि के बारे में बहुत ही बेहतरीन तरीके से पढ़ लिया है।

सर्वनाम के बारे में मैंने इस लेख में बहुत ही बेहतरीन तरीके से समझाया है जो कि आपको अब आपको बिल्कुल अच्छे से समझ आ गया है।

प्रिय स्टूडेंट्स, मेरा नाम आशीर्वाद चौरसिया है और मैंने हिन्दी विषय से स्नातक भी किया है। आपको इस ब्लॉग पर हिन्दी से जुड़े सभी तरह के जानकारिय मिलेगी। इसके अतिरिक्त आपको सभी क्लासेज की नोट्स एवं विडियो लेक्चर हमारे NCERT eNotes YouTube चैनल पर मिल जाएगी।

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