व्याकरण किसे कहते हैं उदाहरण सहित, परिभाषा एवं प्रकार

5/5 - (1 vote)

आज के इस आर्टिकल में व्याकरण किसे कहते हैं उदाहरण सहित, व्याकरण की परिभाषा एवं प्रकार को विस्तार से पढ़ने वाले हैं जो की सबसे आसान भाषा में होगा।

व्याकरण बहुत ही आसान है क्योंकि मैंने अपनी पढ़ाई के दौरान Vyakaran Kise Kahate Hain को बहुत ही सरल शब्दों में पढ़ा और समझा था जो कि आज मैं आपको बताने वाला हूं।

यदि आपको हिन्दी व्याकरण का ज्ञान रहेगा तभी आप शुद्ध भाषा में बोल पाएंगे, लिख पाएंगे और पढ़ पाएंगे। इसलिए आपको इसके बारे में अच्छे से जानकारी होनी चाहिए जो कि इस लेख में मैं आपको समझाने वाला हूं।

व्याकरण किसे कहते हैं?

भाषा के बनते – बिगड़ते गलत स्वरूप को शुद्ध बनाये रखने के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं जिसकी सहायता से हिंदी भाषा का शुद्ध होने का पता चलता है, उन्हें व्याकरण कहते हैं।

हिंदी में लिखें कोई भी वाक्य या बोल – चाल में प्रयुक्त भाषा को सही अथवा गलत में भेद करने के लिए व्याकरण होता है जो हमें भाषा का सही ज्ञान देता है।

हिन्दी व्याकरण की सहायता से ही हम किसी भी लिखित अथवा बोलचाल भाषा को शुद्ध रख पाते हैं। व्याकरण हिंदी भाषा का नीवं होता है जो पूरे हिंदी भाषा को समझने में सहायता प्रदान करता है।

व्याकरण का अर्थ

व्याकरण तीन शब्दों से मिलकर बना है जोकि है ‘वि + आ + करन’ अर्थात भली भांति समझना। व्याकरण का अर्थ किसी भाषा को भली भांति शुद्ध तरीके से समझना एवं लिखना पढ़ना होता है।

व्याकरण की जानकारी के बाद किसी भी भाषा को शुद्ध बोला, पढ़ा एवं शुद्ध – शुद्ध लिखा जा सकता है। हिन्दी व्याकरण का महवपूर्ण हिस्सा संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण है।

व्याकरण की परिभाषा उदाहरण सहित

व्याकरण एक ऐसा शास्त्र है जो हमें किसी भाषा को शुद्ध रूप से लिखने तथा उसका उच्चारण करने के नियमों का ज्ञान करवाता है।

व्याकरण एक ऐसी विद्या होती है जिसके ज्ञान के बाद हम किसी भी हिंदी भाषा को शुद्ध रूप से लिख अथवा उसका उच्चारण ठीक तरीके से कर सकते हैं।

हिंदी व्याकरण का उदाहरण आप निचे टेबल में पढ़ सकते जिसके बाद आप व्याकरण की परिभाषा उदाहरण सहित और अच्छे से समझ सकते हैं।

अशुद्ध भाषा में लिखा हुआ शुद्ध भाषा में लिखा हुआ
मेरे को घर जाने है।मुझे घर जाना है।
हमारा नाम आशीर्वाद है।मेरा नाम आशीर्वाद है।
मेरे को व्याकरण पढने है।मुझे व्याकरण पढनी है।
तेरे को कॉलेज में एडमिशन लेने है।तुम्हे कॉलेज में एडमिशन लेना है।

इस प्रकार से आप टेबल में व्याकरण का उदाहरण को बहुत ही अच्छे से समझ चुके हैं और अब आपको व्याकरण किसे कहते हैं हिंदी में उदाहरण सहित जानकारी अच्छे से हो गई है।

इसे भी पढ़े: स्वर किसे कहते है

व्याकरण के प्रकार अथवा भेद अथवा अंग

अब हम लोग व्याकरण के प्रकार को पढ़ने वाले हैं। आप इसको व्याकरण के कितने प्रकार होते हैं पूछिये या फिर व्याकरण के कितने भेद होते हैं या फिर पूछ लीजिए की व्याकरण के अंग कितने होते हैं यह तीनों एक ही बात है।

मुख्य रूप से व्याकरण तीन प्रकार के होते हैं जो कि निम्न है –

  1. वर्ण विचार
  2. शब्द विचार
  3. वाक्य विचार

यह तीनों व्याकरण के प्रकार है और इसी को भेद अथवा व्याकरण का अंग भी कहते हैं।

वर्ण विचार किसे कहते हैं

वर्ण विचार के अंतर्गत हिंदी वर्णमाला के सभी वर्ण आते हैं। हिंदी व्याकरण में वर्ण विचार के अंतर्गत वर्णों पर विचार किया जाता है और यह स्वयं अपनी कोई अर्थ नहीं रखते हैं।

इसके अंतर्गत वर्णों का आकार, उच्चारण, वर्गीकरण और संयोग एवं संधि आदि के नियमों पर विचार किया जाता है।

यह भाषा की सबसे छोटी इकाई के रूप में होते हैं जिसे वर्ण विचार के रूप में जाना जाता है। हिंदी व्याकरण के वर्ण विचार का उदाहरण ‘अ’, ‘आ’, ‘उ’, ‘क’, ‘म’, ‘स’, ‘ल’ आदि है।

शब्द विचार किसे कहते हैं

शब्द विचार वर्ण एवं व्यंजन के संयोग से बनने वाले शब्दों पर विचार किया जाता है जिसका कोई सार्थक शब्द होता है, उसे शब्द विचार कहते है।

व्याकरण में शब्द विचार के अंतर्गत शब्दों के भेद, व्युत्पत्ति आदि से संबंधित नियमों की जानकारी प्राप्त होती है।

हिन्दी व्याकरण के शब्द विचार में शब्द स्वयं का एक सार्थक अर्थ रखते है जोकि हिन्दी वर्णमाला के छोटी इकाई से बनते है।

उदाहरण के लिए हम हिंदी वर्णमाला से कुछ वर्ण ‘अ’, ‘म’, ‘न’ को लेते है और इनको जोड़कर ‘अ + म + न’ को ‘अमन’ शब्द बनाते है तो यह एक सार्थक शब्द है जिसका मतलब होता है ‘शांति’ और इस प्रकार के बने शब्द ही शब्द विचार का उदाहरण होता है।

वाक्य विचार किसे कहते हैं

हिंदी व्याकरण में शब्दों का वह समूह जिसका अर्थ पूरा समझ में आ जाए और शुद्ध वाक्य हो उसे वाक्य विचार कहते हैं। हिंदी व्याकरण के वाक्य विचार में वाक्यों के शुद्ध होने पर विचार किया जाता है।

हिंदी व्याकरण के इस उपभाग में वाक्य के भेद, उनके परस्पर संबंध, वाक्य विश्लेषण, संश्लेषण, विराम चिन्ह आदि के बारे में विचार किया जाता है।

वाक्य विचार का उदहारण ‘आशीर्वाद ने व्याकरण पढ़ ली है।’ हो सकता है जिसमे शब्दों के परस्पर सम्बन्ध एवं विराम चिन्ह आदि मौजूद है।

FAQs

अब आप को हिंदी व्याकरण किसे कहते हैं इसके कितने भेद हैं के बारे में बहुत ही बेहतरीन तरीके समझ लिए हैं। व्याकरण से संबंधित आपसे कुछ पूछे जाने वाले सवाल होते हैं जिसका उत्तर अब हम लोग जानेंगे।

व्याकरण किसे कहते हैं?

हिंदी व्याकरण वह होता है जो हमें भाषा के शुद्ध अथवा अशुद्ध होने का बोध कराता है।

व्याकरण के कितने भेद होते हैं?

व्याकरण के कुल मुख्य तीन भेद होते हैं जो की वर्ण विचार, शब्द विचार और तीसरा वाक्य विचार होता है।

व्याकरण के अध्ययन से क्या लाभ है?

व्याकरण के अध्ययन के पश्चात हम हिंदी भाषा को शुद्ध तरीके से पढ़ सकते हैं, लिख सकते हैं अथवा समझ एवं सही से उच्चारण कर सकते हैं।

व्याकरण पढ़ना क्यों आवश्यक है?

व्याकरण पढना इसलिए आवश्यक है ताकि हिंदी भाषा को शुद्ध तरीके से लिखा जा सके और उसका उच्चारण किया जा सके। इसके अतिरिक्त उसके सही होने अथवा गलत होने की संभावना को पहचाना जा सके।

व्याकरण का दूसरा नाम क्या है?

व्याकरण का एक अन्य दूसरा नाम ‘शब्दानुशासन’ है जिसका मतलब होता है शब्द को सही तरीके से लिखा जाना।

व्याकरण किसे कहते है से समबन्धित YouTube विडियो

निष्कर्ष

प्रिय छात्रों आज के इस आर्टिकल में हम लोगों ने व्याकरण किसे कहते हैं उदाहरण सहित, व्याकरण की परिभाषा एवं व्याकरण के प्रकार अथवा भेद एवं अंग के बारे में विस्तार से समझा और पढ़ा है।

अब आप लोगों को व्याकरण से संबंधित कोई भी समस्या नहीं आएगी क्योंकि आप लोग आज के इस आर्टिकल में हिंदी व्याकरण को बहुत ही अच्छी तरीके से समझ चुके हैं।

प्रिय स्टूडेंट्स, मेरा नाम आशीर्वाद चौरसिया है और मैंने हिन्दी विषय से स्नातक भी किया है। आपको इस ब्लॉग पर हिन्दी से जुड़े सभी तरह के जानकारिय मिलेगी। इसके अतिरिक्त आपको सभी क्लासेज की नोट्स एवं विडियो लेक्चर हमारे NCERT eNotes YouTube चैनल पर मिल जाएगी।

SHARE ON:

3 thoughts on “व्याकरण किसे कहते हैं उदाहरण सहित, परिभाषा एवं प्रकार”

Leave a Comment